1. लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी कमान ने गुजरात राज्य में एक व्यापक परिचालन समीक्षा की, जिसमें क्रीक और कच्छ क्षेत्रों में तैयारियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान उन्होंने डिफेन्स ऑफ गुजरात एक्सरसाइज़ का निरीक्षण किया, जिसने चुनौतीपूर्ण भू-भाग और परिचालन परिवेश में परिचालन तत्परता, बहु-एजेंसी समन्वय तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र का सफल सत्यापन किया। इस अभ्यास ने गुजरात के विविध परिचालन क्षेत्रों में राष्ट्रीय हितों की रक्षा हेतु दक्षिणी कमान की क्षमता की पुनः पुष्टि की।
2. भुज मिलिट्री स्टेशन में आर्मी कमांडर ने आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली की विशेषज्ञ नेत्र-चिकित्सा टीमों के सहयोग से आयोजित एक मेगा सर्जिकल नेत्र शिविर आउटरीच कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस शिविर में 120 से अधिक दूरस्थ गाँवों के 2,500 से अधिक मरीजों की जाँच की गई तथा उन्नत निदान और शल्य चिकित्सा हस्तक्षेपों के माध्यम से 200 से अधिक लाभार्थियों की दृष्टि बहाल की गई। यह पहल गुजरात के दूरस्थ और वंचित समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के प्रति सेना की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
3. इसके उपरांत अहमदाबाद में आर्मी कमांडर तथा दक्षिणी कमान आर्मी वुमन वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) की क्षेत्रीय अध्यक्षा, श्रीमती कोमल सेठ ने वीर नारियों और वीर माताओं से संवाद किया तथा उन्हें सम्मानित किया, उनके साहस और बलिदान को नमन किया। यह संवाद भारतीय सेना की अपने वीर सैनिकों के परिवारों के प्रति गहरी जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।
4. इस यात्रा का समापन शौर्य संध्या के साथ हुआ, जिसमें गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल उपस्थित रहे। यह सायंकालीन कार्यक्रम ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना में निहित, सैन्य गौरव और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सजीव संगम था। कार्यक्रम में NIFT के छात्रों द्वारा खादी के माध्यम से भारतीय फैशन का प्रदर्शन, भरतनाट्यम की मनोहारी प्रस्तुति तथा सैनिकों द्वारा झांझ पाथक, कलारीपयट्टू और आर्मी मार्शल आर्ट रूटीन (AMAR) की रोमांचक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। ये सभी तत्व ‘सक्षम और सुरक्षित भारत’ की भावना को प्रतिबिंबित करते हुए, भारतीय सेना और जनता के बीच अटूट बंधन को सुदृढ़ करते हैं, जब राष्ट्र विकसित भारत @2047 की ओर अग्रसर है।